अतर्रा इंडेन गैस एजेंसी पर कालाबाजारी के आरोप, कागजों में डिलीवरी दिखाकर उपभोक्ता से धोखाधड़ी
अतर्रा (बांदा)। नगर में घरेलू गैस वितरण व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। अतर्रा स्थित इंडेन गैस एजेंसी पर कालाबाजारी और अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगे हैं। स्थानीय निवासी ओम प्रकाश शुक्ला ने एजेंसी पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनके नाम से कई सिलेंडर डिलीवर दिखा दिए गए, जबकि उन्हें एक भी सिलेंडर प्राप्त नहीं हुआ।
पीड़ित ओम प्रकाश शुक्ला, पुत्र राजाभैया शुक्ला, अतर्रा नगर के अत्री क्षेत्र के निवासी हैं। उन्होंने बताया कि 8 अप्रैल 2026 को जब वह अपनी उपभोक्ता कॉपी लेकर बांदा रोड स्थित एजेंसी पहुंचे, तब उन्हें चौंकाने वाली जानकारी मिली। एजेंसी के रिकॉर्ड में उनके नाम से पहले ही कई सिलेंडर की डिलीवरी दर्ज थी। इतना ही नहीं, नए सत्र में भी एक और सिलेंडर चढ़ा हुआ पाया गया।

ओम प्रकाश शुक्ला का कहना है कि उन्हें इन सिलेंडरों में से एक भी नहीं मिला। उन्होंने एजेंसी कर्मियों से इस बारे में पूछताछ की, लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने मामले की शिकायत उपजिलाधिकारी से की।
शिकायत के बाद प्रशासन हरकत में आया और 9 अप्रैल 2026 को एजेंसी द्वारा पीड़ित को एक सिलेंडर उपलब्ध कराया गया। हालांकि, पीड़ित का आरोप है कि यह कार्रवाई केवल शिकायत के दबाव में की गई और मामले की गंभीरता को नजरअंदाज किया जा रहा है।
इस पूरे प्रकरण ने अतर्रा नगर में गैस वितरण व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। कई उपभोक्ताओं के साथ इसी तरह की अनियमितताएं हो रही हैं, लेकिन लोग जानकारी के अभाव में शिकायत नहीं कर पाते।
स्थानीय नागरिकों ने यह भी आरोप लगाया कि एजेंसी द्वारा होम डिलीवरी के नाम पर अतिरिक्त शुल्क लिया जा रहा है, जबकि वास्तविकता में घर-घर गैस सिलेंडर की आपूर्ति नहीं की जा रही। उपभोक्ताओं को खुद एजेंसी जाकर सिलेंडर लेना पड़ता है, जिससे उन्हें समय और पैसा दोनों का नुकसान उठाना पड़ता है।

सरकार द्वारा स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि गैस सिलेंडर की कालाबाजारी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसके बावजूद अतर्रा में सामने आए इस मामले ने प्रशासनिक व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रकार की अनियमितताएं गैस एजेंसियों की निगरानी में कमी के कारण बढ़ रही हैं। यदि समय रहते इस पर सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो उपभोक्ताओं का भरोसा पूरी तरह से खत्म हो सकता है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी एजेंसी संचालकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही, यह सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में किसी भी उपभोक्ता के साथ इस प्रकार की धोखाधड़ी न हो।
यह मामला न केवल एक व्यक्ति की परेशानी को दर्शाता है, बल्कि पूरे नगर में गैस वितरण व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर करता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी गंभीरता दिखाता है और क्या दोषियों पर कार्रवाई होती है या नहीं।