कुल्लू खेड़ा में बाबा साहब अंबेडकर की 135वीं जयंती धूमधाम से मनाई गई, जनप्रतिनिधियों ने दिया सामाजिक समरसता का संदेश
बिसंडा (बांदा)। ग्राम पंचायत कुल्लू खेड़ा में भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जन्म जयंती बड़े ही उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, शिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और सैकड़ों ग्रामीणों की उपस्थिति ने आयोजन को भव्य बना दिया।
समारोह का आयोजन ग्राम पंचायत परिसर में किया गया, जहां बाबा साहब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत हुई। उपस्थित लोगों ने बाबा साहब के बताए मार्ग पर चलने और उनके आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में बांदा-चित्रकूट की सांसद श्रीमती कृष्णा देवी पटेल मौजूद रहीं। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि बाबा साहब अंबेडकर ने देश को एक मजबूत संविधान दिया, जो सभी वर्गों को समान अधिकार और न्याय की गारंटी देता है।

उन्होंने कहा कि आज जरूरत है कि समाज के हर वर्ग तक शिक्षा और जागरूकता पहुंचे, जिससे बाबा साहब के सपनों का भारत साकार हो सके। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे शिक्षा को अपना सबसे बड़ा हथियार बनाएं और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का प्रयास करें।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री शिव शंकर सिंह पटेल भी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि बाबा साहब का जीवन संघर्ष और प्रेरणा का प्रतीक है। उन्होंने सामाजिक भेदभाव के खिलाफ लड़ते हुए समाज को एक नई दिशा दी।
इस अवसर पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष महेंद्र सिंह वर्मा, ब्लॉक प्रमुख बिसंडा नथ्थू प्रसाद कोटर, सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक राम सजीवन और नथ्थू प्रसाद सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में शिक्षकों और ग्राम प्रधानों ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। शिक्षक अशोक कुमार, अनिल कुमार, इंद्रपाल विमल तथा बृजेश यादव, उत्तरा विमल, सरोज और वाले प्रसाद ने बाबा साहब के विचारों पर प्रकाश डाला।

इस दौरान वक्ताओं ने शिक्षा, समानता और सामाजिक न्याय के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि बाबा साहब अंबेडकर का जीवन हमें सिखाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी शिक्षा और संघर्ष के बल पर सफलता हासिल की जा सकती है।
कार्यक्रम में केवल प्रसाद वर्मा, प्रभाकर वर्मा, छंगू प्रसाद निषाद सहित सैकड़ों ग्रामीणों ने भाग लिया। सभी ने एक स्वर में बाबा साहब के आदर्शों को अपनाने और समाज में भाईचारा बनाए रखने का संकल्प लिया।

समारोह के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों और युवाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इन प्रस्तुतियों के माध्यम से बाबा साहब के जीवन और उनके संघर्ष को दर्शाया गया।
कार्यक्रम की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद रहा। पुलिस बल ने पूरे आयोजन के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखी।

इस आयोजन ने न केवल बाबा साहब के प्रति लोगों की श्रद्धा को प्रदर्शित किया, बल्कि समाज में एकता और जागरूकता का संदेश भी दिया। अंत में आयोजकों ने सभी अतिथियों और ग्रामीणों का आभार व्यक्त किया।