धधकती भट्टियां, सुलगती ज़िंदगियां: लखीमपुर खीरी में जहरीली शराब का जाल, प्रशासन पर उठे गंभीर सवाल
लखीमपुर खीरी। जनपद के थाना क्षेत्र पढुआ सहित कई ग्राम पंचायतों में अवैध जहरीली कच्ची शराब का कारोबार खुलेआम फल-फूल रहा है। हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि गांव-गांव में भट्टियां धधक रही हैं और गरीबों का जीवन सुलगता जा रहा है। दिन हो या रात, शराब माफिया बेखौफ होकर जहरीली शराब का निर्माण और सप्लाई कर रहे हैं, जबकि जिम्मेदार विभागों की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

🚨 दिन-रात बन रही जहरीली शराब, बाइक से हो रही सप्लाई
स्थानीय लोगों के अनुसार शराब माफिया दिन के उजाले और रात के अंधेरे में बड़े पैमाने पर अवैध शराब तैयार करते हैं। इसके बाद पल्सर बाइक के जरिए बैग में भरकर गांव-गांव इसकी सप्लाई की जाती है।
यह कारोबार इतना संगठित हो चुका है कि मानो एक समानांतर नेटवर्क तैयार हो गया हो, जो प्रशासन की आंखों के सामने ही फल-फूल रहा है।
😢 गरीबों की जिंदगी से खिलवाड़
जहरीली शराब का सबसे ज्यादा असर गरीब मजदूर वर्ग पर पड़ रहा है। दिनभर मेहनत करने के बाद कई मजदूर 50-60 रुपये की सस्ती शराब पीने को मजबूर हैं, जो उनके स्वास्थ्य और परिवार दोनों को बर्बादी की कगार पर पहुंचा रही है।
कई परिवार उजड़ चुके हैं, घरों में कलह बढ़ गई है, पति-पत्नी और माता-पिता-बच्चों के रिश्तों में दरारें आ गई हैं। यह सिर्फ एक अवैध धंधा नहीं, बल्कि समाज को अंदर से खोखला करने वाली गंभीर समस्या बन चुकी है।
💰 माफिया मालामाल, जनता बेहाल
जहां एक ओर शराब माफिया इस अवैध कारोबार से मालामाल हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर गरीबों की जिंदगी और उनके घर तबाह हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह माफिया पूरे-पूरे परिवारों को निगल चुके हैं और अब भी उनका नेटवर्क लगातार फैलता जा रहा है।

⚠️ प्रशासनिक मिलीभगत के आरोप
सबसे गंभीर बात यह है कि आबकारी विभाग और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि विभाग के निचले स्तर के कुछ भ्रष्ट कर्मचारी हर महीने अवैध वसूली कर माफियाओं को संरक्षण दे रहे हैं।
यह भी कहा जा रहा है कि जब भी छापेमारी की योजना बनती है, तो पहले ही माफियाओं को सूचना दे दी जाती है, जिससे वे बच निकलते हैं।
हालांकि आबकारी इंस्पेक्टर राजेश कुमार द्वारा माफियाओं पर अंकुश लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन विभाग के अंदर ही कुछ लोग उनके प्रयासों को कमजोर करते नजर आ रहे हैं।
📍 इन क्षेत्रों में फैला अवैध कारोबार
सूत्रों के मुताबिक, मझरा पूरब, गजियापुर, नानकपुर, रामनगर, दुमेड़ा, खैरटिया, सुजानपुर, तेलियार, बोकरिहा, बाबागंज और बैरिया जैसे कई गांवों में बड़े पैमाने पर जहरीली शराब का उत्पादन और बिक्री हो रही है।
🗣️ आवाज उठाने वालों को धमकी
इस मामले को उजागर करने वाले पत्रकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को भी दबाव और धमकियों का सामना करना पड़ रहा है।
आरोप है कि जो भी सच्चाई सामने लाने की कोशिश करता है, उसे फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकी दी जाती है। इससे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
⚖️ कानून व्यवस्था पर उठते सवाल
लगातार हो रही घटनाओं और अवैध गतिविधियों के बावजूद ठोस कार्रवाई न होना, कानून व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो हालात और भयावह हो सकते हैं।
🔴 निष्कर्ष:
लखीमपुर खीरी में जहरीली शराब का यह अवैध कारोबार केवल कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि मानव जीवन के साथ सीधा खिलवाड़ है। जरूरत है कि प्रशासन निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई करे, दोषियों को सजा मिले और इस जहर के कारोबार को जड़ से खत्म किया जाए।
जब तक ऐसा नहीं होता, तब तक धधकती भट्टियां और सुलगती जिंदगियां यूं ही समाज को नुकसान पहुंचाती रहेंगी।