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अतर्रा (बांदा)। नेशनल हाईवे-35 पर बदौसा के समीप बागेन नदी पर स्थित जर्जर पुल की बदहाल स्थिति को लेकर भारतीय उद्योग व्यापार मंडल (पंजी.) की अतर्रा एवं बदौसा इकाइयों ने चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के नाम संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी (एसडीएम) अतर्रा को सौंपा। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने पुल के तत्काल तकनीकी निरीक्षण, पुनर्निर्माण की स्वीकृति तथा आवश्यक सुरक्षा उपाय किए जाने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो यह पुल किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है।

ज्ञापन में व्यापार मंडल ने बताया कि बागेन नदी पर बना यह पुल लंबे समय से जर्जर अवस्था में है। विशेष रूप से बरसात के मौसम में पुल की स्थिति और अधिक खराब हो जाती है। पुल के स्लैब से कंक्रीट झड़ने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जबकि रेलिंग भी कई बार क्षतिग्रस्त हो चुकी है। इससे पुल से गुजरने वाले वाहन चालकों और राहगीरों में लगातार भय का माहौल बना रहता है।

व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने कहा कि यह पुल नेशनल हाईवे-35 का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कई जिलों को जोड़ने वाले प्रमुख मार्गों में शामिल है। इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों छोटे-बड़े वाहन, मालवाहक ट्रक, बसें, एंबुलेंस, स्कूली वाहन और निजी वाहन गुजरते हैं। ऐसे में पुल की खराब स्थिति न केवल यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर रही है, बल्कि लोगों की जान-माल के लिए भी गंभीर खतरा बनी हुई है।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि बरसात के दौरान पुल पर दबाव बढ़ने के कारण दुर्घटना की आशंका और अधिक बढ़ जाती है। यदि किसी समय पुल का कोई हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया तो बड़ी जनहानि हो सकती है। व्यापार मंडल ने सरकार से आग्रह किया कि किसी दुर्घटना का इंतजार करने के बजाय पहले ही आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि भविष्य में किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके।

पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री से मांग की कि पुल का उच्च स्तरीय तकनीकी निरीक्षण कराया जाए और उसकी वास्तविक स्थिति का आकलन कर शीघ्र पुनर्निर्माण की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की जाए। साथ ही संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए जाएं कि निर्माण कार्य शुरू होने तक पुल की नियमित निगरानी की जाए तथा आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षा के अतिरिक्त इंतजाम किए जाएं, जिससे आम जनता सुरक्षित रूप से आवागमन कर सके।

व्यापार मंडल का कहना है कि यह केवल स्थानीय लोगों का नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र के व्यापार, परिवहन और आवागमन से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है। यदि पुल की स्थिति और खराब हुई तो माल ढुलाई, व्यापारिक गतिविधियों तथा दैनिक आवाजाही पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। इसलिए जनहित को ध्यान में रखते हुए सरकार को इस मामले में प्राथमिकता के आधार पर निर्णय लेना चाहिए।

ज्ञापन सौंपने के दौरान भारतीय उद्योग व्यापार मंडल (पंजी.) अतर्रा इकाई के प्रदेश युवा महामंत्री राजेश गुप्ता, नगर अध्यक्ष अनिल कुमार गुप्ता, जिला उपाध्यक्ष शिव प्रसाद उर्फ शिवा तथा विष्णुकांत गुप्ता प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। वहीं भारतीय उद्योग व्यापार मंडल बदौसा इकाई के वरिष्ठ उपाध्यक्ष धर्मेन्द्र खटीक, उपाध्यक्ष रामजस निषाद, उपाध्यक्ष विनोद गांधी, उपाध्यक्ष रज्जू वर्मा तथा उपाध्यक्ष सत्यम तिवारी भी मौजूद रहे।

सभी पदाधिकारियों ने एक स्वर में कहा कि बागेन नदी पुल के पुनर्निर्माण का मामला जनसुरक्षा से जुड़ा हुआ है। उन्होंने उपजिलाधिकारी अतर्रा को मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि शासन स्तर पर शीघ्र निर्णय लेकर पुल के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू कराई जाए। उनका कहना था कि समय रहते प्रभावी कार्रवाई होने से संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सकेगा और क्षेत्र की जनता को सुरक्षित एवं सुगम आवागमन की सुविधा मिल सकेगी। व्यापार मंडल ने उम्मीद जताई कि सरकार जनहित से जुड़े इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर गंभीरता से विचार करेगी और जल्द आवश्यक कदम उठाएगी।

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