राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा (राम) के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष गणेश अग्निहोत्री ने उठाया अतर्रा के पीड़ित व्यापारियों का मुद्दा, न्याय न मिलने पर आंदोलन की चेतावनी
अतर्रा (बांदा)। राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा (राम) के नवनियुक्त जिला अध्यक्ष गणेश अग्निहोत्री ने पदभार ग्रहण करने के साथ ही जनहित से जुड़े मुद्दों पर सक्रियता दिखानी शुरू कर दी है। उन्होंने अतर्रा नगर के मुख्य चौराहे पर सौंदर्यीकरण अभियान के दौरान स्थानीय व्यापारियों की दुकानों को तोड़े जाने के मामले को गंभीर बताते हुए पीड़ित दुकानदारों के पक्ष में आवाज उठाई है। उन्होंने शासन और प्रशासन से इस प्रकरण में निष्पक्ष एवं न्यायसंगत कार्रवाई करने की मांग करते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि प्रभावित व्यापारियों को न्याय नहीं मिला तो राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा (राम) व्यापक जनआंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।
गणेश अग्निहोत्री ने कहा कि विकास कार्यों का उद्देश्य जनता को सुविधाएं उपलब्ध कराना होता है, लेकिन यदि विकास के नाम पर वर्षों से वैध रूप से अपना व्यवसाय कर रहे छोटे और मध्यम व्यापारियों को बिना उचित व्यवस्था के उजाड़ दिया जाए तो यह सामाजिक और आर्थिक अन्याय है। उन्होंने कहा कि किसी भी विकास योजना को लागू करते समय प्रभावित लोगों के अधिकारों और आजीविका का संरक्षण किया जाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने अतर्रा मुख्य चौराहे पर चल रहे सौंदर्यीकरण कार्य को लेकर पारदर्शिता की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि प्रशासन को पूरे प्रोजेक्ट का नक्शा, स्वीकृत मानक और निर्माण की रूपरेखा सार्वजनिक करनी चाहिए। इससे आम नागरिकों और व्यापारियों के मन में किसी प्रकार की शंका नहीं रहेगी तथा यह स्पष्ट होगा कि किस आधार पर कार्रवाई की जा रही है।
जिला अध्यक्ष ने कहा कि जिन व्यापारियों की निजी स्वामित्व वाली एवं रजिस्ट्रीशुदा दुकानों को क्षति पहुंची है या ध्वस्त किया गया है, उन्हें तत्काल उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति की वैध संपत्ति सार्वजनिक परियोजना के लिए प्रभावित होती है तो कानून के अनुसार उसे उचित क्षतिपूर्ति और पुनर्वास मिलना उसका अधिकार है।
उन्होंने यह भी मांग की कि जिन दुकानदारों का रोजगार प्रभावित हुआ है, उनके लिए वैकल्पिक स्थान अथवा पुनर्वास की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उनका कहना था कि छोटे व्यापारियों की आजीविका पूरी तरह उनकी दुकानों पर निर्भर होती है और बिना वैकल्पिक व्यवस्था के उन्हें बेघर और बेरोजगार करना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं है।
गणेश अग्निहोत्री ने इस संबंध में नरैनी विधायक श्रीमती ओममणी वर्मा द्वारा उपजिलाधिकारी अतर्रा को दिए गए त्वरित कार्रवाई के निर्देशों का स्वागत करते हुए कहा कि जनप्रतिनिधियों की संवेदनशीलता सराहनीय है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि केवल निर्देश जारी करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि प्रशासन को जमीन पर निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए प्रभावित व्यापारियों को शीघ्र राहत प्रदान करनी चाहिए।
राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा (राम) की ओर से उन्होंने व्यापारियों की तीन प्रमुख मांगों को दोहराते हुए कहा कि पहला, चौराहे के सौंदर्यीकरण कार्य का पूरा नक्शा और निर्धारित मानक सार्वजनिक किए जाएं। दूसरा, जिन वैध दुकानदारों की निजी संपत्ति प्रभावित हुई है उन्हें तत्काल उचित मुआवजा दिया जाए। तीसरा, सभी प्रभावित व्यापारियों के पुनर्वास और रोजगार की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि उनके परिवारों की आजीविका पर संकट न आए।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा (राम) हमेशा गरीब, शोषित और पीड़ित लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष करता रहा है और भविष्य में भी किसी भी अन्याय के खिलाफ मजबूती से खड़ा रहेगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि प्रशासन ने प्रभावित दुकानदारों की समस्याओं का समाधान नहीं किया और उन्हें न्याय नहीं मिला तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन शुरू करेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
गणेश अग्निहोत्री ने विशेष रूप से रमेश चन्द, राजेन्द्र अग्निहोत्री, वीरेंद्र अग्निहोत्री, शिवचरन, शिवकुमार और विनय गुप्ता सहित सभी प्रभावित व्यापारियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके साथ न्याय होना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी नागरिक के संवैधानिक और वैधानिक अधिकारों का हनन स्वीकार नहीं किया जाएगा और संगठन हर स्तर पर उनके साथ खड़ा रहेगा।
इस अवसर पर राष्ट्रीय अधिकार मोर्चा (राम) के कार्यकर्ताओं ने गणेश अग्निहोत्री को जिला अध्यक्ष बनाए जाने पर शुभकामनाएं दीं और विश्वास व्यक्त किया कि उनके नेतृत्व में संगठन जनहित के मुद्दों को मजबूती से उठाएगा। कार्यकर्ताओं ने संकल्प लिया कि क्षेत्र में यदि कहीं भी प्रशासनिक उत्पीड़न, अन्याय या आम जनता के अधिकारों का हनन होगा तो संगठन एकजुट होकर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करेगा।
कार्यक्रम के अंत में जिला अध्यक्ष ने कहा कि संगठन का उद्देश्य किसी प्रकार का टकराव नहीं, बल्कि न्यायपूर्ण समाधान है। उन्होंने प्रशासन से संवाद के माध्यम से व्यापारियों की समस्याओं का शीघ्र समाधान निकालने की अपील की और उम्मीद जताई कि शासन जनभावनाओं का सम्मान करते हुए प्रभावित परिवारों को राहत प्रदान करेगा।