सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में कलेक्टर राखी सहाय के सख्त निर्देश, फुटपाथ से अतिक्रमण हटाने, खुली नालियों को ढकने और आवारा मवेशियों पर नियंत्रण के दिए आदेश
उमरिया, 15 अक्टूबर। जिले में सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और आमजन की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। कलेक्टर सभागार में हुई बैठक में सड़क सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने स्पष्ट कहा कि क्षतिग्रस्त सड़कों के सुधार का कार्य लगातार जारी रखा जाए और दुर्घटना संभावित स्थलों पर संकेतक लगाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि सड़क हादसों की आशंका को कम किया जा सके।
बैठक के दौरान कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिले में कहीं भी पहुंच मार्ग खराब होने की शिकायतें सामने नहीं आनी चाहिए। सड़कों की खराब स्थिति के कारण दुर्घटनाओं की संभावना न बने, इसके लिए संबंधित विभाग समय रहते सुधार कार्य कराएं। उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम (एमपीआरडीसी) तथा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्राधिकार की सड़कों को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।
दुर्घटना संभावित स्थलों पर लगेंगे संकेतक
कलेक्टर राखी सहाय ने सड़क सुरक्षा के लिहाज से दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान कर वहां आवश्यक संकेतक लगाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि वाहन चालकों को सड़क की स्थिति, मोड़, गति सीमा और संभावित खतरों की जानकारी समय रहते मिलनी चाहिए। इसके लिए संबंधित विभाग निर्धारित स्थानों पर संकेतक और गति सीमा के बोर्ड लगवाएं।
उन्होंने पिछली सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में लिए गए निर्णयों की भी समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को उनका पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि सड़क सुरक्षा से जुड़े निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन जरूरी है। केवल बैठक में निर्णय लेना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका जमीन पर पालन भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए।
शहडोल मार्ग पर आरओबी निर्माण में तेजी लाने के निर्देश
बैठक में शहडोल मार्ग पर निर्माणाधीन रेल ओवरब्रिज (आरओबी) की प्रगति की जानकारी भी ली गई। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों से निर्माण कार्य की स्थिति की समीक्षा करते हुए कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की प्रगति पर नजर रखी जाए और निर्धारित जिम्मेदारियों के अनुसार कार्य को आगे बढ़ाया जाए।
सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक निर्माण कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करना महत्वपूर्ण है। ऐसे में संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए।
फुटपाथ पर पैदल चलने वालों को मिलेगी जगह
शहरी क्षेत्रों में फुटपाथों पर दुकानों और अन्य गतिविधियों के कारण पैदल चलने वालों को होने वाली परेशानी को लेकर भी कलेक्टर ने गंभीरता दिखाई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि फुटपाथ पर लगने वाली दुकानों को व्यवस्थित ढंग से निर्धारित स्थानों पर लगवाया जाए, ताकि आम नागरिकों को पैदल चलने के लिए पर्याप्त जगह मिल सके।
कलेक्टर ने कहा कि फुटपाथ का उद्देश्य पैदल यात्रियों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा देना है। यदि फुटपाथ पर अव्यवस्थित तरीके से दुकानें लगाई जाती हैं, तो लोगों को सड़क पर चलने के लिए मजबूर होना पड़ता है, जिससे दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है। इसलिए शहरी क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं।
खुली नालियों और सड़क किनारे खड़े ठेलों पर सख्ती
कलेक्टर राखी सहाय ने शहरी क्षेत्रों में सड़कों के किनारे बनी नालियों को खुला न छोड़ने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि खुली नालियां दुर्घटनाओं का कारण बन सकती हैं। इसलिए संबंधित अधिकारी नालियों को सुरक्षित तरीके से ढकने की व्यवस्था सुनिश्चित करें।
इसके साथ ही सड़क किनारे आवागमन में बाधा उत्पन्न करने वाले ठेलों और अन्य पथ विक्रेताओं को निश्चित स्थानों पर व्यवस्थित करने के निर्देश भी दिए गए। इसका उद्देश्य सड़कों पर यातायात का दबाव कम करना और लोगों के सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करना है। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि इस दिशा में आवश्यक कार्रवाई करते हुए यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए।
सड़क पर मवेशियों से होने वाले हादसों पर रोक लगाने के निर्देश
बैठक में सड़कों पर घूमने वाले मवेशियों से होने वाली दुर्घटनाओं का मुद्दा भी उठाया गया। कलेक्टर ने कहा कि सड़क पर मवेशियों की मौजूदगी से वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बना रहता है। ऐसे में मवेशियों को सड़कों से हटाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। साथ ही उनके गले में रिफ्लेक्टर लगाने की कार्रवाई भी की जाए, ताकि रात के समय वाहन चालकों को दूर से ही मवेशी दिखाई दे सकें और संभावित हादसों को रोका जा सके।
बैठक में अपर कलेक्टर प्रमोद कुमार सेन गुप्ता और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आलोक कुमार शर्मा उपस्थित रहे। इसके अलावा विभिन्न विभागों के अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक में जुड़े। बैठक में सड़क सुधार, यातायात प्रबंधन और दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए संबंधित विभागों को निर्देशों का गंभीरता से पालन करने पर जोर दिया गया।
जिला ब्यूरो बाल्मीकि यादव, उमरिया