पीएम कौशल विकास योजना 4.0: युवाओं के सपनों को पंख, उद्योगोन्मुख प्रशिक्षण से रोजगार और स्वरोजगार की नई राह
बैतूल / संवाददाता देवीनाथ लोखंडे
भारत को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में केंद्र सरकार की प्रमुख पहल प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (पीएमकेवीवाई) 4.0 युवाओं के भविष्य को नई दिशा दे रही है। बदलते समय और उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप कौशल से लैस कर युवाओं को रोजगारोन्मुख बनाने का यह अभियान देशभर में सकारात्मक परिणाम दे रहा है। स्किल इंडिया मिशन के अंतर्गत संचालित यह योजना वित्त वर्ष 2022 से 2026 तक लागू है और इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को आधुनिक तकनीक, व्यवहारिक ज्ञान और इंडस्ट्री-रेडी स्किल्स से जोड़ना है, ताकि वे रोजगार के अवसरों को हासिल कर सकें या स्वयं का व्यवसाय शुरू कर आत्मनिर्भर बनें।
उद्योगों की जरूरत के मुताबिक प्रशिक्षण
पीएमकेवीवाई 4.0 को इस तरह डिज़ाइन किया गया है कि यह केवल प्रमाणपत्र देने तक सीमित न रहे, बल्कि प्रशिक्षण के बाद रोजगार की वास्तविक संभावना भी पैदा करे। योजना के तहत ऐसे ट्रेड्स और कोर्स शामिल किए गए हैं जिनकी मांग उद्योगों में लगातार बढ़ रही है। मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, कंस्ट्रक्शन, हेल्थकेयर, आईटी-आईटीईएस, रिटेल, लॉजिस्टिक्स, फूड प्रोसेसिंग और ग्रीन जॉब्स जैसे क्षेत्रों में विशेष फोकस रखा गया है। इससे युवाओं को स्थानीय स्तर पर भी रोजगार मिलने की संभावना बढ़ती है।
लचीली, पारदर्शी और जवाबदेह प्रणाली
जिला व्यापार एवं उद्योग केंद्र, बैतूल की महाप्रबंधक श्रीमती तृप्ति पाटिल ने बताया कि पीएमकेवीवाई 4.0 में कौशल विकास प्रणाली को अधिक लचीला, पारदर्शी और जवाबदेह बनाया गया है। प्रशिक्षण राष्ट्रीय कौशल गुणवत्ता मानदंड (NSQF) के अनुरूप संचालित होता है। इसके अंतर्गत 300 से 600 घंटे तक के अल्पकालिक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं, जबकि क्षेत्रीय और औद्योगिक मांग के अनुसार इससे अधिक अवधि के कोर्स भी संचालित किए जा सकते हैं। प्रशिक्षण केवल मान्यता प्राप्त एवं अनुमोदित प्रशिक्षण संस्थानों के माध्यम से दिया जाता है, जिससे गुणवत्ता सुनिश्चित हो सके।
तीन माह से एक वर्ष तक के कोर्स, देशभर में मान्य प्रमाणपत्र
योजना के अंतर्गत तीन महीने, छह महीने और एक वर्ष की अवधि वाले कोर्स में पंजीकरण की सुविधा है। प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद उम्मीदवारों को देशभर में मान्य प्रमाणपत्र प्रदान किया जाता है। यह प्रमाणपत्र निजी और सार्वजनिक दोनों क्षेत्रों में रोजगार पाने में सहायक होता है। योजना का उद्देश्य केवल नौकरी दिलाना ही नहीं, बल्कि युवाओं की योग्यता और रुचि के अनुरूप उन्हें सक्षम बनाना है।
स्वरोजगार को बढ़ावा, ऋण सुविधा का लाभ
पीएमकेवीवाई 4.0 के तहत प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को स्वरोजगार के लिए भी प्रोत्साहित किया जाता है। विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जाती है, जिससे प्रशिक्षित युवा अपना स्टार्टअप, सर्विस सेंटर, वर्कशॉप या लघु उद्योग शुरू कर सकें। इससे न केवल बेरोजगारी कम होती है, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलती है।
मिस कॉल से रजिस्ट्रेशन, आसान प्रक्रिया
योजना की आवेदन प्रक्रिया को बेहद सरल बनाया गया है। मोबाइल कंपनियों द्वारा योजना से जुड़े युवाओं को मैसेज के माध्यम से टोल फ्री नंबर उपलब्ध कराया जाएगा। इच्छुक उम्मीदवार उस नंबर पर मिस कॉल देकर रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू कर सकते हैं। इसके बाद आईवीआर सिस्टम के जरिए आवश्यक जानकारी ली जाती है, जो कौशल विकास योजना के सिस्टम में सुरक्षित रहती है। सत्यापन के बाद उम्मीदवार को उसके निवास स्थान के नजदीकी प्रशिक्षण केंद्र से जोड़ा जाता है, ताकि आवागमन में परेशानी न हो।
डिजिटल प्लेटफॉर्म से पारदर्शिता
पीएमकेवीवाई 4.0 में डिजिटल ट्रैकिंग और मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया गया है, जिससे प्रशिक्षण की गुणवत्ता, उपस्थिति और मूल्यांकन पर सतत निगरानी रखी जाती है। इससे फर्जीवाड़े पर अंकुश लगता है और वास्तविक लाभार्थियों तक योजना का लाभ पहुंचता है। साथ ही, उद्योगों के साथ साझेदारी कर प्लेसमेंट लिंक्ड ट्रेनिंग पर भी जोर दिया गया है।
आवेदन प्रक्रिया और पात्रता
योजना में आवेदन के लिए उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट pmkvyofficial.org पर जाकर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा हेल्पलाइन नंबर 8800055555 पर संपर्क किया जा सकता है। इच्छुक युवा PMKVY@nsdcindia.org पर ईमेल के माध्यम से भी मार्गदर्शन ले सकते हैं।
यह योजना 15 से 45 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं के लिए है। आवेदन के लिए आधार से लिंक बैंक खाता होना अनिवार्य है, जिससे प्रशिक्षण के दौरान मिलने वाली सुविधाओं और लाभों का सीधा हस्तांतरण किया जा सके।
युवाओं के भविष्य की मजबूत नींव
पीएमकेवीवाई 4.0 केवल एक योजना नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य की मजबूत नींव है। यह उन्हें आत्मविश्वास, कौशल और अवसर प्रदान करती है। खासकर ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के युवाओं के लिए यह योजना वरदान साबित हो रही है, जहां रोजगार के अवसर सीमित होते हैं। उद्योगोन्मुख प्रशिक्षण के माध्यम से युवा न केवल नौकरी पाने में सक्षम हो रहे हैं, बल्कि वे देश की आर्थिक प्रगति में भी सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं।
कुल मिलाकर, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना 4.0 भारत के युवाओं को हुनरमंद बनाकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सशक्त कदम है। आने वाले वर्षों में यह योजना लाखों युवाओं के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने की क्षमता रखती है और “कुशल भारत, सक्षम भारत” के संकल्प को साकार करती है।

More Stories
स्वस्थ लखीमपुर की ओर कदम: सीएमओ ने प्रेस वार्ता में बताए चार बड़े स्वास्थ्य अभियान
बैतूल में महिला सशक्तिकरण की बड़ी पहल: 12 जनवरी को मेगा कैंपस ड्राइव, आईफोन निर्माता कंपनी फॉक्सकॉन में युवतियों को मिलेगा रोजगार का सुनहरा मौका
सीडीओ के औचक निरीक्षण से बीडीओ कार्यालय में हड़कंप, छह कर्मचारियों का वेतन रोका