थाना समाधान दिवस: डीएम अमित आसेरी और एसपी पलाश बंसल ने सुनीं जनसमस्याएं, निष्पक्ष व समयबद्ध निस्तारण के दिए निर्देश
बांदा। जनपद बांदा में शनिवार को आयोजित थाना समाधान दिवस के अवसर पर सदर कोतवाली में जिलाधिकारी अमित आसेरी एवं पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने संयुक्त रूप से आमजन की समस्याएं सुनीं। इस दौरान बड़ी संख्या में फरियादी अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
थाना समाधान दिवस के दौरान जिलाधिकारी अमित आसेरी ने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप जनता की समस्याओं का त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और संतोषजनक समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत का निस्तारण केवल औपचारिकता न बनकर वास्तविक समाधान के रूप में किया जाए। शिकायतों की जांच तथ्यों के आधार पर पूरी निष्पक्षता से हो तथा किसी भी पक्ष के साथ अन्याय न होने पाए।

डीएम ने विशेष रूप से राजस्व एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिन मामलों में दोनों विभागों की संयुक्त जांच आवश्यक हो, वहां संयुक्त टीम तत्काल मौके पर जाकर स्थलीय निरीक्षण करे। जांच के दौरान दोनों पक्षों की बात निष्पक्ष रूप से सुनी जाए और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों का समाधान ऐसा हो जिससे भविष्य में विवाद की पुनरावृत्ति न हो।
पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने भी अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि थाना समाधान दिवस जनता और पुलिस के बीच विश्वास को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसलिए प्रत्येक शिकायत को संवेदनशीलता के साथ लिया जाए और फरियादियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार किया जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों का व्यवहार ही जनता के बीच पुलिस की छवि निर्धारित करता है, इसलिए सभी अधिकारी एवं कर्मचारी अपने दायित्वों का पूरी ईमानदारी और जवाबदेही के साथ निर्वहन करें।

बैठक के दौरान पूर्व में प्राप्त शिकायतों की भी विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने लंबित मामलों तथा ऐसे प्रकरणों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए जिनमें शिकायतकर्ता निस्तारण से संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में शिकायतकर्ता असंतोष व्यक्त कर रहे हैं, वहां संबंधित वरिष्ठ अधिकारी स्वयं मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करें और शिकायत का प्रभावी समाधान सुनिश्चित कराएं।
डीएम अमित आसेरी ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि किसी भी फरियादी को अपनी शिकायत के समाधान के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। प्रत्येक अधिकारी की यह जिम्मेदारी होगी कि शिकायतों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण कर शिकायतकर्ता को राहत प्रदान की जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनावश्यक विलंब पाया गया तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
थाना समाधान दिवस में पहुंचे अधिकांश मामलों का संबंध भूमि विवाद, राजस्व संबंधी प्रकरणों, आपसी विवादों, कब्जे की शिकायतों तथा अन्य स्थानीय समस्याओं से था। अधिकारियों ने संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करते हुए कई मामलों के तत्काल निस्तारण के आदेश दिए, जबकि जटिल मामलों में संयुक्त जांच कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
जिलाधिकारी ने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में पारदर्शिता, निष्पक्षता और संवेदनशीलता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। प्रत्येक शिकायतकर्ता को यह विश्वास होना चाहिए कि उसकी समस्या को गंभीरता से सुना जा रहा है और उसका न्यायपूर्ण समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल शिकायत दर्ज करना नहीं, बल्कि उसके समाधान तक पहुंचाना है।
पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने कहा कि थाना समाधान दिवस की सफलता तभी मानी जाएगी जब आमजन को समय पर न्याय और राहत मिले। इसके लिए पुलिस एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। उन्होंने सभी अधिकारियों से शासन की मंशा के अनुरूप कार्य करते हुए जनता के विश्वास को और अधिक मजबूत बनाने का आह्वान किया।
थाना समाधान दिवस के अंत में अधिकारियों ने संबंधित विभागों के कर्मचारियों को निर्देशित किया कि सभी शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए तथा निर्धारित समय सीमा के भीतर उनका गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने दोहराया कि जनता की सुनवाई केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि जनसेवा का सबसे महत्वपूर्ण माध्यम है और प्रत्येक अधिकारी का दायित्व है कि वह आमजन की समस्याओं का निष्पक्ष, पारदर्शी और प्रभावी समाधान सुनिश्चित करे।
रिपोर्ट: अवधेश शिवहरे, ब्यूरो चीफ, बांदा