मेधा का सम्मान, समाज का अभिमान: वैश्य महासम्मेलन में उमड़ा जनसैलाब
लखीमपुर खीरी। अखिल भारतीय वैश्य एकता परिषद द्वारा आयोजित वैश्य महासम्मेलन एवं मेधावी छात्र-छात्रा सम्मान समारोह रविवार को भव्यता और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में समाज की एकजुटता, शिक्षा के प्रति समर्पण और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की झलक स्पष्ट रूप से दिखाई दी। समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश सरकार के प्रभारी मंत्री नितिन अग्रवाल उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में एमएलसी अनूप गुप्ता, भाजपा जिलाध्यक्ष अरविंद गुप्ता, परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुमंत गुप्ता, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अंकित दास, जिलाध्यक्ष जगदीश प्रसाद गुप्ता समेत अनेक गणमान्य लोग मौजूद रहे। आयोजन स्थल पर सुबह से ही समाज के लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रार्थना और स्वागत समारोह के साथ किया गया। इसके बाद समाजसेवी स्वर्गीय दिलीप गुप्ता के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। वक्ताओं ने उनके सामाजिक कार्यों को याद करते हुए कहा कि उन्होंने समाज के उत्थान के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया।
समारोह के दौरान विभिन्न विद्यालयों और महाविद्यालयों के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। अतिथियों ने उन्हें प्रशस्ति पत्र, स्मृति चिन्ह और शुभकामनाएं प्रदान कीं। विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों के लिए यह अवसर गर्व का विषय बना रहा।
अपने संबोधन में नितिन अग्रवाल ने कहा कि शिक्षा ही किसी भी समाज की उन्नति का आधार है। उन्होंने कहा कि वैश्य समाज व्यापार, उद्योग, शिक्षा और सामाजिक सेवा के क्षेत्र में अग्रणी भूमिका निभाता रहा है। समाज की एकता और संगठन उसकी सबसे बड़ी पूंजी है।
उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता इस बात की है कि समाज का हर व्यक्ति शिक्षा को प्राथमिकता दे और युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करे। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि वे अपने लक्ष्य निर्धारित करें और उन्हें प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहें।
एमएलसी अनूप गुप्ता ने कहा कि मेधावी छात्रों का सम्मान करना वास्तव में समाज के उज्ज्वल भविष्य का सम्मान करना है। उन्होंने कहा कि ऐसी प्रतिभाओं को प्रोत्साहन मिलने से अन्य विद्यार्थियों को भी प्रेरणा मिलती है। भाजपा जिलाध्यक्ष अरविंद गुप्ता ने समाज में शिक्षा और संस्कारों के महत्व पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने समाज में बढ़ती शिक्षा, युवाओं की भूमिका और सामाजिक समरसता जैसे विषयों पर विचार व्यक्त किए। सभी ने एक स्वर में कहा कि संगठित समाज ही विकास की नई इबारत लिख सकता है।
कार्यक्रम में महिलाओं और युवाओं की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया।
समापन अवसर पर सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया तथा उपस्थित लोगों के लिए भोजन एवं जलपान की व्यवस्था की गई। पूरे आयोजन में उत्साह, अनुशासन और सामाजिक सौहार्द का वातावरण बना रहा।