बांदा। उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल ने रेल यात्रियों के लिए एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। खुरहंड-अतर्रा-बदौसा रेलखंड पर 21.267 किलोमीटर लंबी नव दोहरीकृत एवं विद्युतीकृत ब्रॉडगेज रेल लाइन पर 25 केवी एसी विद्युत कर्षण प्रणाली का कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है। इस महत्वपूर्ण परियोजना का निरीक्षण उत्तर मध्य रेलवे के प्रमुख मुख्य विद्युत अभियंता जे. सी. एस. बोरा ने किया। निरीक्षण के दौरान रेलवे की आधुनिक विद्युत प्रणाली और सुरक्षा मानकों की गहन जांच की गई।
उत्तर मध्य रेलवे लगातार रेल नेटवर्क को आधुनिक बनाने और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आधारभूत संरचना का विस्तार कर रहा है। इसी दिशा में खुरहंड-अतर्रा-बदौसा रेलखंड का दोहरीकरण और विद्युतीकरण एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस परियोजना के पूरा होने से क्षेत्र में रेल परिचालन अधिक तेज, सुरक्षित और पर्यावरण के अनुकूल होगा।
निरीक्षण के दौरान प्रमुख मुख्य विद्युत अभियंता जे. सी. एस. बोरा ने परख निरीक्षण यान और टावर वैगन के माध्यम से पूरे रेलखंड का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान 25 केवी एसी विद्युत कर्षण प्रणाली से जुड़े सभी प्रमुख उपकरणों और संरचनाओं की बारीकी से जांच की गई। निरीक्षण टीम ने ओवरहेड इलेक्ट्रिक वायरिंग (ओएचई), विद्युत खंभों, स्विचिंग प्वाइंट, समपार फाटकों तथा अन्य विद्युत प्रतिष्ठानों की कार्यक्षमता का परीक्षण किया।
अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि सभी विद्युत उपकरण निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप कार्य कर रहे हैं। परीक्षण के दौरान संरचनात्मक मजबूती, सुरक्षा मानकों और परिचालन क्षमता का भी मूल्यांकन किया गया। निरीक्षण में सभी व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं।
निरीक्षण के दौरान प्रमुख मुख्य विद्युत अभियंता ने खुरहंड, अतर्रा और बदौसा स्टेशनों पर उपलब्ध रेल अवसंरचना का भी जायजा लिया। उन्होंने विद्युत प्रतिष्ठानों, परिचालन व्यवस्थाओं और सुरक्षा उपायों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक के अनुरूप रेल नेटवर्क का विकास यात्रियों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, इस रेलखंड पर 25 केवी एसी विद्युत कर्षण प्रणाली शुरू होने से डीजल इंजनों पर निर्भरता कम होगी, जिससे ईंधन की बचत होगी और प्रदूषण में भी कमी आएगी। इसके अलावा विद्युत इंजन अधिक गति और बेहतर क्षमता के साथ रेलगाड़ियों का संचालन करेंगे, जिससे ट्रेनों की समयपालन क्षमता में भी सुधार होगा।
नई डबल लाइन तैयार होने से ट्रेनों की आवाजाही अधिक सुगम होगी और एक साथ अधिक रेलगाड़ियों का संचालन संभव हो सकेगा। इससे मालगाड़ियों और यात्री ट्रेनों दोनों को लाभ मिलेगा। भविष्य में इस मार्ग पर ट्रेनों की संख्या बढ़ाने और परिचालन क्षमता में विस्तार का रास्ता भी खुलेगा।
इस अवसर पर अपर मंडल रेल प्रबंधक (इन्फ्रा) पी. पी. शर्मा, वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता (टीआरडी) सतबीर सिंह, वरिष्ठ मंडल विद्युत अभियंता (सामान्य) अशोक प्रिय गौतम, मुख्यालय से निर्माण विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, तकनीकी कर्मचारी, निरीक्षक तथा पर्यवेक्षक उपस्थित रहे।
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि उत्तर मध्य रेलवे आने वाले समय में भी इसी प्रकार आधारभूत संरचना के विकास, विद्युतीकरण और दोहरीकरण के कार्यों को प्राथमिकता देता रहेगा, जिससे यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आधुनिक रेल सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।