78.1 के कंपोजिट स्कोर के साथ जिले को मिली बड़ी उपलब्धि, नई दिल्ली में कलेक्टर राखी सहाय सम्मानित; कृषि उत्पादकता और किसानों की आय बढ़ाने के प्रयासों को मिली सराहना
उमरिया, मध्य प्रदेश। कृषि क्षेत्र में विकास और किसानों की आय बढ़ाने के लिए किए जा रहे प्रयासों के चलते उमरिया जिले ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना वर्ष 2026-27 के अंतर्गत अगस्त माह की समीक्षा में उमरिया जिले ने 78.1 के कंपोजिट स्कोर के साथ देशभर में तीसरा स्थान हासिल किया है। इस उपलब्धि पर भारत सरकार की ओर से उमरिया कलेक्टर श्रीमती राखी सहाय को नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में सम्मानित किया गया। जिले के लिए यह उपलब्धि महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे कृषि क्षेत्र में संचालित विभिन्न योजनाओं और विभागीय समन्वय के प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिली है।
नई दिल्ली स्थित एनएएससी कॉम्प्लेक्स में आयोजित सम्मान समारोह में केंद्रीय कृषि मंत्री तथा संबंधित मंत्रालयों और विभागों के केंद्रीय मंत्रियों की उपस्थिति में कलेक्टर राखी सहाय को सम्मानित किया गया। प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत निर्धारित लक्ष्यों की दिशा में उमरिया जिले में किए जा रहे कार्यों की समीक्षा के बाद यह उपलब्धि सामने आई है। जिले ने 78.1 का कंपोजिट स्कोर प्राप्त कर देश में तीसरा स्थान हासिल किया, जो कृषि विकास और किसानों के हित में संचालित गतिविधियों की प्रगति को दर्शाता है।
किसानों की आय बढ़ाने पर विशेष ध्यान
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत उमरिया जिले में कृषि क्षेत्र के साथ-साथ उससे जुड़े अन्य क्षेत्रों में भी किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के उद्देश्य से विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। योजना का प्रमुख उद्देश्य कृषि उत्पादकता में सुधार करना, किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ना और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है।
जिले में कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन, ग्रामीण विकास और कृषि विज्ञान केंद्र के माध्यम से विभिन्न कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया जा रहा है। इन विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर योजना के निर्धारित लक्ष्यों को पूरा करने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। संबंधित विभाग किसानों को तकनीकी जानकारी, कृषि संबंधी मार्गदर्शन और शासकीय योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने की दिशा में काम कर रहे हैं।
कृषि उत्पादकता और फसल विविधीकरण को बढ़ावा
योजना के तहत जिले में कृषि उत्पादकता बढ़ाने के साथ फसल विविधीकरण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। किसानों को पारंपरिक खेती के साथ ऐसी फसलों की ओर प्रोत्साहित करने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिनसे उत्पादन और आय में वृद्धि की संभावनाएं मजबूत हों।
इसके अतिरिक्त दलहन और तिलहन फसलों के उत्पादन को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जा रहा है। इन फसलों के बेहतर उत्पादन के लिए किसानों को आवश्यक जानकारी और तकनीकी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। कृषि क्षेत्र में विविधता लाने से किसानों को खेती के विकल्प बढ़ाने और उपलब्ध भूमि तथा संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल करने में मदद मिल सकती है।
योजना के माध्यम से किसानों को आधुनिक कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक करने और कृषि संबंधी नवीन तकनीकों का उपयोग बढ़ाने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। इससे खेती की उत्पादकता में सुधार के साथ किसानों की आय बढ़ाने के उद्देश्य को आगे बढ़ाया जा सकेगा।
सिंचाई और कृषि अधोसंरचना को मजबूत करने पर जोर
उमरिया जिले में कृषि विकास को गति देने के लिए सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और कृषि अधोसंरचना को मजबूत बनाने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। खेती में पानी की उपलब्धता महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। ऐसे में सिंचाई सुविधाओं को बेहतर बनाने और कृषि संसाधनों का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने की दिशा में विभिन्न गतिविधियां संचालित की जा रही हैं।
कृषि अधोसंरचना को मजबूत करने के प्रयासों का उद्देश्य किसानों को खेती से जुड़ी सुविधाओं तक बेहतर पहुंच उपलब्ध कराना है। साथ ही विभागीय योजनाओं की जानकारी और तकनीकी सहायता के माध्यम से किसानों को कृषि कार्यों में उचित निर्णय लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।
कृषि विभाग के साथ उद्यानिकी, पशुपालन और मत्स्य विभाग की भागीदारी से किसानों को खेती के अलावा संबंधित गतिविधियों के माध्यम से भी आय बढ़ाने के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। जिला पंचायत के ग्रामीण विकास विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र भी योजना के उद्देश्यों को पूरा करने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
विभागीय समन्वय से मिली राष्ट्रीय पहचान
प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के अंतर्गत उमरिया जिले की उपलब्धि में विभिन्न विभागों के समन्वित प्रयासों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। योजना के निर्धारित लक्ष्यों की दिशा में कृषि और उससे जुड़े क्षेत्रों में लगातार काम किया जा रहा है। अगस्त माह की समीक्षा में देश में तीसरा स्थान प्राप्त करना जिले के लिए गौरव का विषय है।
नई दिल्ली में कलेक्टर राखी सहाय को मिला सम्मान जिले में संचालित गतिविधियों को राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान का प्रतीक है। अब योजना के उद्देश्यों के अनुरूप कृषि उत्पादकता में सुधार, फसल विविधीकरण, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार और किसानों की आय बढ़ाने से जुड़े प्रयासों को आगे बढ़ाना महत्वपूर्ण होगा।
रिपोर्ट: बाल्मीकि यादव, जिला ब्यूरो, उमरिया |