सीएमएचओ डॉ. मनोज कुमार हुरमाड़े ने किया भैंसदेही सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण, कर्मचारियों को चेतावनी – “मुख्यालय पर रहना अनिवार्य”
रिपोर्टर – सुनील सोनारे
स्थान – भैंसदेही
भैंसदेही।
प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने एवं शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. मनोज कुमार हुरमाड़े ने 9 जुलाई 2025 को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र भैंसदेही का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने समस्त स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की गहन समीक्षा करते हुए कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मुख्यालय पर निवास अनिवार्य है, अन्यथा अगली बार वेतन आहरण पर रोक लगाई जाएगी।
अस्पताल में स्वच्छता, समय पालन और मरीजों के प्रति संवेदनशीलता के निर्देश
निरीक्षण के दौरान सीएमएचओ ने खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. स्वाति बरखड़े को निर्देशित किया कि अस्पताल परिसर में पूर्ण स्वच्छता सुनिश्चित हो, मरीजों के लिए बैठने की समुचित व्यवस्था हो, सभी काउंटर निर्धारित समय पर खुलें और समय पर उपचार उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवा का मुख्य उद्देश्य मरीजों को राहत देना है और इसके लिए अनुशासन अत्यंत आवश्यक है।
जन्म प्रमाण-पत्र वितरण की नई पहल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मंशा के अनुरूप, डॉ. हुरमाड़े ने निरीक्षण के दौरान दो प्रसूताओं – श्रीमती सोनाली (निवासी राक्सी) एवं श्रीमती पूनम (निवासी बालनेर) को छुट्टी से पहले ही नवजातों का जन्म प्रमाण-पत्र सौंपा।
उन्होंने कहा –
“यह पहल प्रशासन की तत्परता और नवजात के अधिकारों की रक्षा की दिशा में एक सार्थक कदम है।”
इससे प्रमाण पत्र प्राप्त करने में लगने वाला समय बचेगा और हितग्राही को बार-बार अस्पताल नहीं आना पड़ेगा।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा
निरीक्षण के बाद आयोजित समीक्षा बैठक में सीएमएचओ ने सीएचओ, सुपरवाइजर, एएनएम समेत समस्त मैदानी अमले की कार्यप्रणाली की समीक्षा की। उन्होंने सिकल सेल एनीमिया और टीबी स्क्रीनिंग में तेजी लाने के निर्देश दिए। साथ ही शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति के लिए समन्वित प्रयासों और मॉनिटरिंग की कार्ययोजना साझा की।
उन्होंने मातृ मृत्यु दर, शिशु मृत्यु दर और कुपोषण को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए, इन मामलों को प्राथमिकता के साथ सुधारने के निर्देश दिए। जनसंख्या स्थिरीकरण माह, एनीमिया मुक्त भारत अभियान, राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम तथा “एक पेड़ माँ के नाम” जैसी योजनाओं की भी समीक्षा की गई।
अधिकारियों को निर्देश – अनुशासन में रहे, यूनिफॉर्म में रहें
डॉ. हुरमाड़े ने सभी सीएचओ, सुपरवाइजर और एएनएम को निर्देशित किया कि वे प्रतिदिन मुख्यालय पर अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें, सभी उप-स्वास्थ्य केंद्र सुबह 9 बजे तक खुलें, प्रत्येक महिने की 5 तारीख तक टूर प्रोग्राम जमा किया जाए और दैनिक कार्यों की डायरी अनिवार्य रूप से लिखी जाए।
साथ ही सभी स्वास्थ्यकर्मी निर्धारित यूनिफॉर्म में ही सेवाएं दें, यह सुनिश्चित करने के निर्देश भी जारी किए गए।
उच्च जोखिम गर्भावस्था और एनीमिया पर विशेष फोकस
सीएमएचओ ने निर्देशित किया कि उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं को प्रसव तिथि से पूर्व अस्पताल में भर्ती कराना अनिवार्य किया जाए। साथ ही, हर शिशु की ड्यू लिस्ट तैयार कर उनका समय पर टीकाकरण और निगरानी सुनिश्चित की जाए।
एनीमिया नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत स्कूल जाने वाले और घर में रहने वाले सभी बच्चों को आयरन की गोलियां समय पर दी जाएं और इसकी सक्रिय मॉनिटरिंग की जाए।
समीक्षा बैठक में अधिकारी रहे उपस्थित
इस महत्वपूर्ण निरीक्षण एवं समीक्षा बैठक में खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. स्वाति बरखड़े, एमएण्डईओ श्री मनोज चढ़ोकार एवं डीसीएम श्री कमलेश मसीह भी उपस्थित रहे।
निष्कर्ष
सीएमएचओ डॉ. हुरमाड़े का यह निरीक्षण न केवल स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत का मूल्यांकन था, बल्कि उन्होंने स्वास्थ्य कर्मचारियों को स्पष्ट संदेश दिया कि अनुशासन, तत्परता और संवेदनशीलता ही स्वास्थ्य तंत्र को मजबूत बना सकती है। उनकी चेतावनी और दिशा-निर्देश आने वाले समय में स्वास्थ्य केंद्रों की सेवा गुणवत्ता में निश्चित रूप से सुधार लाएंगे।

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