विश्वकर्मा शिल्पकार महासम्मेलन में गरजे रामआसरे विश्वकर्मा, भाजपा सरकार पर साधा निशाना
महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की उपेक्षा और पीडीए समाज के उत्पीड़न का लगाया आरोप, 2027 में सत्ता परिवर्तन का किया आह्वान
अतर्रा (बांदा), 5 जुलाई। रघुनाथ भवन, रामलीला मैदान अतर्रा में आयोजित विश्वकर्मा शिल्पकार महासम्मेलन राजनीतिक चर्चाओं का केंद्र बन गया। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव एवं पूर्व मंत्री रामआसरे विश्वकर्मा ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए केंद्र और प्रदेश की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी, किसानों की समस्याओं, कुटीर उद्योगों की बदहाली और पीडीए समाज के कथित उत्पीड़न जैसे मुद्दों को उठाते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए।
‘रोजगार का वादा पूरा नहीं हुआ’
रामआसरे विश्वकर्मा ने आरोप लगाया कि हर वर्ष दो करोड़ युवाओं को रोजगार देने का वादा केवल चुनावी घोषणा बनकर रह गया। उन्होंने कहा कि लगातार पेपर लीक और भर्ती प्रक्रियाओं में अनियमितताओं ने लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है।
किसानों और कारीगरों की समस्याएं उठाईं
उन्होंने कहा कि किसानों की आय दोगुनी करने का वादा भी पूरा नहीं हुआ। साथ ही आरोप लगाया कि कुटीर एवं लघु उद्योगों की उपेक्षा के कारण गरीब, मजदूर और विश्वकर्मा समाज से जुड़े कारीगर आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं।
पीडीए समाज और कानून-व्यवस्था पर सवाल
पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि प्रदेश में पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक (पीडीए) समाज पर अत्याचार की घटनाएं बढ़ी हैं। उन्होंने कानून-व्यवस्था की स्थिति पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार इन वर्गों को न्याय दिलाने में विफल रही है।
विश्वकर्मा समाज के अधिकारों की उठाई आवाज
रामआसरे विश्वकर्मा ने दावा किया कि समाजवादी पार्टी की सरकार के दौरान विश्वकर्मा समाज के हित में लिए गए कई निर्णय वर्तमान सरकार ने समाप्त कर दिए। उन्होंने समाज के युवाओं को रोजगार और सम्मानजनक अवसर उपलब्ध कराने की मांग की।
2027 में बदलाव का किया आह्वान
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने की अपील करते हुए कहा कि इससे किसानों, युवाओं, मजदूरों और पीडीए समाज के हितों की बेहतर सुरक्षा सुनिश्चित हो सकेगी।
500 से अधिक लोगों की रही सहभागिता
महासम्मेलन में सांसद कृष्णा पटेल, पूर्व मंत्री शिवशंकर पटेल, रामबाबू विश्वकर्मा, धीरेंद्र विश्वकर्मा, रमेश विश्वकर्मा, अनिल विश्वकर्मा, महेश विश्वकर्मा, डॉ. मधुसूदन कुशवाहा, किरण वर्मा, मौसमी कोटार्य, विवेक बिंद, दिनेश अनुरागी, सुमन दिवाकर, भारत लाल दिवाकर सहित अनेक जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। आयोजकों के अनुसार सम्मेलन में 500 से अधिक लोगों ने भाग लिया।
अवधेश शिवहरे
ब्यूरो चीफ बांदा