श्रीमद्भागवत कथा में कृष्ण जन्मोत्सव पर झूमे श्रद्धालु, भजनों पर नाचा पूरा ग्राम
झांसी/मऊरानीपुर।
मऊरानीपुर तहसील के ग्राम बम्हौरी में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण की संगीतमयी कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की कथा सुनाई गई। जैसे ही शास्त्री पं० रविशंकर बादल ने श्रीकृष्ण जन्म की मनोहारी कथा का वर्णन शुरू किया, वातावरण आध्यात्मिक उल्लास और भक्ति से भर गया।
यह पावन भागवत कथा मोहनलाल कुशवाहा के आवास पर संपन्न हो रही है, जिसमें वे स्वयं और उनकी धर्मपत्नी यमुना देवी पारीक्षित की भूमिका निभा रहे हैं। कथा के आयोजनों में मोतीलाल और केशवदास व्यवस्थापक की भूमिका में सक्रिय हैं, जबकि कृष्णगोपाल, सत्यनारायण, यशोदानंदन, बालकृष्ण और बलराम जैसे कई सहयोगी सेवाकार्य में लगे हुए हैं।
कथा वाचन कर रहे शास्त्री पं० रविशंकर बादल (सुपुत्र केरला सरकार) की ओजपूर्ण वाणी और भावपूर्ण भजनों ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। जैसे ही उन्होंने कृष्ण जन्म का दृश्य प्रस्तुत किया, पूरा पंडाल “नंद के आनंद भयो, जय कन्हैयालाल की” जैसे जयकारों से गूंज उठा।
भजनों पर पुरुष, महिलाएं और बच्चे झूमते नजर आए। बधाई गीतों की गूंज और नृत्य की भाव-भंगिमाओं ने कृष्ण जन्मोत्सव को जीवंत कर दिया। संगीत में औरगन वादक बादल मूलचंद्र, पैड़ वादक भज्जू दाँगी (दतिया) और नाल वादक सुनील मास्टर (इंदरगढ़, दतिया) की भूमिका विशेष रूप से सराहनीय रही।
ग्राम बम्हौरी ही नहीं, आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण के लिए पहुंच रहे हैं। चार दिनों से चल रही इस भागवत कथा में सैंकड़ों ग्रामीण भक्तिभाव से कथा का रसास्वादन कर रहे हैं और अपने जीवन को धन्य मान रहे हैं।
कृष्ण जन्मोत्सव की कथा पूर्ण होने के बाद सभी श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। आयोजकों ने बताया कि कथा का समापन आगामी दिनों में रुक्मिणी विवाह और श्रीकृष्ण लीला के अन्य प्रसंगों के साथ होगा।
श्रीमद्भागवत कथा के माध्यम से ग्राम बम्हौरी में एक अद्वितीय आध्यात्मिक वातावरण बना हुआ है, जहाँ भक्ति, संगीत और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।
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