मुलताई अस्पताल में स्वास्थ्य सिस्टम की खुली पोल!
डॉक्टर नदारद, मरीज बेहाल – BMO साहब ‘भगवान भरोसे’ छोड़ गए अस्पताल!
मुलताई (बैतूल)।
जिला बैतूल के मुलताई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की हालत इन दिनों किसी दर्दनाक कहानी से कम नहीं। अस्पताल में मरीज इलाज के लिए घंटों लाइन में खड़े हैं, लेकिन डॉक्टर नदारद हैं! गर्भवती महिलाएं, बुज़ुर्ग और गंभीर मरीज इलाज के इंतज़ार में बेहाल हैं – और जिम्मेदार अफसर बेफिक्र छुट्टियों का लुत्फ उठा रहे हैं।
जनरल वार्ड बना ‘तंदूर’, एसी महीनों से ठप!
तेज़ तपिश में अस्पताल का जनरल वार्ड किसी तंदूर से कम नहीं लग रहा। मरीजों और परिजनों को पसीने में भीगते हुए इलाज कराना पड़ रहा है। शिकायतों के बाद भी महीनों से बंद पड़े एयर कंडीशनर किसी को दिखते नहीं।
BMO साहब छुट्टी पर… लेकिन प्रभार सौंपना भूल गए!
सबसे हैरान करने वाली बात – अस्पताल के BMO साहब बिना किसी को प्रभार सौंपे छुट्टी पर चले गए! अब अस्पताल चल रहा है ‘भगवान भरोसे’। न कोई देखरेख, न कोई ज़िम्मेदारी।
प्रशासन मौन, जनता में उबाल
स्थानीय लोगों में आक्रोश है। सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से तत्काल जांच और जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। लोगों का कहना है – “ये अस्पताल है या मज़ाक? जान बचाने की जगह जान जाने का डर सताता है!”
अब सवाल बड़ा है – क्या जागेगा प्रशासन?
क्या बैतूल जिला प्रशासन इस लापरवाही पर कोई सख्त कदम उठाएगा या फिर मुलताई की जनता यूं ही बदहाली का शिकार होती रहेगी?
📍 बैतूल से जिला संवाददाता देवीनाथ लोखंडे की ग्राउंड रिपोर्ट

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