बैतूल के कलाकारों की नई पहल — शॉर्ट फिल्म निर्माण की शुरुआत, सामाजिक संदेशों पर होगा फोकस
बैतूल। मध्यप्रदेश का छोटा सा जिला बैतूल अपनी प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक धरोहर के लिए जाना जाता है। अब यहां के युवा कलाकारों ने एक नई दिशा में कदम बढ़ाया है। जिले के प्रतिभाशाली युवाओं ने मिलकर शॉर्ट फिल्म निर्माण का कार्य शुरू किया है, जो न केवल मनोरंजन बल्कि सामाजिक संदेश देने का भी माध्यम बनेगा।
फिल्म की शूटिंग बैतूल व आसपास के प्राकृतिक स्थलों पर की जा रही है। इस प्रयास में जिले के युवा अभिनेता, अभिनेत्री, निर्देशक और तकनीशियन अपनी-अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। स्थानीय कलाकारों का कहना है कि वे इस फिल्म के जरिए समाज में सकारात्मक सोच और बदलाव का संदेश देना चाहते हैं। उनका मानना है कि कला केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि यह समाज को दिशा देने का महत्वपूर्ण जरिया भी हो सकती है।
इस फिल्म में सक्रिय रूप से भाग लेने वालों में सागर उइके, शिवानी इवने, करण धड़से, नम्रता उइके, ज्योति उइके, पूजा उइके, नेहा उइके, दीपिका कवडे, पिंकेश कुमरे, चंदू सलाम, रंजीत मर्सकोले, संदीप धुर्वे, नीलेश धुर्वे, संतुलाल धुर्वे, सुखलाल धुर्वे, गोविंद वरकडे, विक्रम पहाड़े, संतोष धुर्वे और कैमरा मेन अंकित इरपाचे का नाम प्रमुख है। सभी ने एकजुट होकर फिल्म निर्माण में अपना योगदान दिया है।
स्थानीय स्तर पर हो रही इस पहल से जिले की कला और संस्कृति को नई पहचान मिलने की उम्मीद है। कलाकारों का मानना है कि यह पहल न केवल बैतूल के युवाओं को प्रेरित करेगी, बल्कि उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का एक मंच भी देगी। छोटे शहर से निकलकर बड़े सपनों को साकार करने का यह सामूहिक प्रयास कला प्रेमियों के लिए भी उत्साहजनक है।
फिल्म टीम का विश्वास है कि आने वाले समय में बैतूल भी सिनेमा और कला की दुनिया में अपनी अलग पहचान बना सकेगा। यहां की युवा पीढ़ी ने यह साबित कर दिया है कि जुनून और मेहनत से किसी भी क्षेत्र में बड़ा मुकाम हासिल किया जा सकता है।
👉 बैतूल जिला ब्यूरो — देवीनाथ लोखंडे की विशेष रिपोर्ट

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